रक्षाबंधन की राखी पर बहा आंसुओं का सैलाब — बहन ने मृत भाई की कलाई पर बांधी डोर, तेंदुए के हमले से उजड़ गया परिवार

रक्षाबंधन की राखी पर बहा आंसुओं का सैलाब — बहन ने मृत भाई की कलाई पर बांधी डोर, तेंदुए के हमले से उजड़ गया परिवार
  • आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता मनोज कुमार

नासिक (महाराष्ट्र) — रक्षाबंधन का दिन जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और रक्षा के वचन का पर्व माना जाता है, इस बार नासिक जिले के वडनेर दुमाला गांव में दर्द और शोक का प्रतीक बन गया। यहां एक 9 वर्षीय बहन ने अपने 3 साल के मृत भाई की कलाई पर राखी बांधी तो पूरा गांव गम में डूब गया, और जिसे भी यह दृश्य दिखा, उसकी आंखें भर आईं।

त्योहार से ठीक एक दिन पहले, शुक्रवार की रात को, मासूम आयुष भगत अपने घर के आंगन में खेल रहा था। परिवार की हंसी-खुशी और पड़ोस में रक्षाबंधन की तैयारियों के बीच, अचानक अंधेरे से निकले एक तेंदुए ने उस पर झपट्टा मारा और पल भर में उसे उठा ले गया। ग्रामीणों और परिजनों ने मशालों और टॉर्च की रोशनी में हर दिशा में तलाश शुरू की, लेकिन कुछ ही देर बाद, घर से थोड़ी ही दूरी पर आयुष का निर्जीव शरीर मिला।

यह ख़बर सुनते ही भगत परिवार में कोहराम मच गया। रक्षाबंधन की सुबह, जहां हर घर में मिठाइयों की खुशबू और हंसी की गूंज थी, वहां भगत परिवार का आंगन मातम में डूबा था। बहन, आंखों में आंसू और हाथ में कांपती राखी लिए, अपने भाई के ठंडे पड़े हाथ पर डोर बांध रही थी। पास खड़े लोग फफक पड़े, और गांव की गलियों में सन्नाटा छा गया।

ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में पिछले कुछ समय से तेंदुओं की गतिविधि बढ़ी है, लेकिन इतनी दर्दनाक घटना ने सभी को हिला दिया। वन विभाग की टीमें इलाके में तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल बिछा रही हैं, वहीं स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि गांव के आसपास सुरक्षा इंतजाम तुरंत बढ़ाए जाएं।

यह घटना न केवल एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए ऐसी चोट बन गई है जो शायद कभी भर न पाए। रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व पर हुई यह त्रासदी सभी को यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि कभी-कभी किस्मत का वार त्योहार की खुशियों को भी मातम में बदल सकता है।