राज्यसभा में गरजे मल्लिकार्जुन खड़गे: 'प्रधानमंत्री छात्रों से सार्वजनिक माफी मांगें', लाठीचार्ज और हिंसा पर सरकार को घेरा
- छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को बताया लोकतंत्र पर धब्बा, गृह मंत्री के बयान, जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

नई दिल्ली।संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि छात्रों के साथ हुआ व्यवहार पूरे देश को शर्मसार करने वाला है। उन्होंने प्रधानमंत्री से छात्रों के प्रति सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगने की मांग की और शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक चर्चा कराने की आवश्यकता बताई। दोपहर बाद राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही खड़गे ने 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 15-16 वर्ष के छात्र-छात्राओं पर लाठियां बरसाई गईं, उनके साथ कथित बदसलूकी हुई और कुछ के कपड़े तक फाड़ दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन और शॉक बैटन जैसे उपकरणों का भी इस्तेमाल किया गया, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया।
"विपक्षी नेताओं के साथ भी हुई धक्का-मुक्की"
खड़गे ने कहा कि अगले दिन विपक्षी नेताओं और सांसदों के साथ भी पुलिस ने कथित रूप से धक्का-मुक्की की और उन्हें हिरासत में लिया। उनके अनुसार, जनप्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार लोकतंत्र की गरिमा के अनुकूल नहीं है।
सरकार के सामने रखीं कई प्रमुख मांगें
राज्यसभा में विपक्ष की ओर से बोलते हुए खड़गे ने सरकार और सभापति के समक्ष कई मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि:
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गृह मंत्री दोनों सदनों में विस्तृत बयान देकर स्पष्ट करें कि छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए कौन जिम्मेदार है।
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कथित घटनाओं की जवाबदेही तय की जाए और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
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प्रधानमंत्री छात्रों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगें और भरोसा दिलाएं कि भविष्य में छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होगा।
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देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली पर संसद में व्यापक एवं समयबद्ध चर्चा कराई जाए।
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शिक्षा व्यवस्था में कथित विफलताओं की जिम्मेदारी तय करते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग पर विचार किया जाए।
शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
खड़गे ने कहा कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा संबंधी विवाद और छात्रों के बढ़ते असंतोष से यह स्पष्ट है कि शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ठोस सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
राज्यसभा में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए कई गंभीर सवाल उठाए। मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री से सार्वजनिक माफी, गृह मंत्री के विस्तृत बयान और शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक चर्चा की मांग की। वहीं, इन आरोपों पर सरकार की ओर से क्या जवाब आता है और संसद में इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
नोट: इस समाचार में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, पैलेट गन के इस्तेमाल और अन्य आरोप विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा राज्यसभा में लगाए गए दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों पर सरकार का आधिकारिक पक्ष इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।







