गोरखपुर के मासूम वैभव हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: 25 लाख के कर्ज ने रची अपहरण की साजिश, लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर मांगनी थी करोड़ों की फिरौती
- पुलिस का दावा— 10 वर्षीय वैभव का अपहरण कर फिरौती वसूलने की थी योजना, विरोध करने पर गला दबाकर हत्या; कंबोडिया के वर्चुअल नंबर से भेजा जाना था धमकी भरा संदेश
आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता- कौस्तुभ तिवारी, गोला, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
खजनी क्षेत्र के सराफा कारोबारी के 10 वर्षीय पोते वैभव वर्मा के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सर्वेश उर्फ बिट्टू भट्ट ने भारी कर्ज के बोझ से उबरने के लिए मासूम के अपहरण की साजिश रची थी। योजना थी कि बच्चे को बंधक बनाकर उसके परिवार से एक करोड़ रुपये से अधिक की फिरौती वसूली जाए। पुलिस का कहना है कि इस योजना को और अधिक भयावह बनाने के लिए आरोपी कथित रूप से लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम इस्तेमाल कर कारोबारी को धमकाने की तैयारी कर रहा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पूरी साजिश बेहद सुनियोजित तरीके से तैयार की गई थी। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने इंटरनेट के माध्यम से कंबोडिया का एक वर्चुअल मोबाइल नंबर खरीदा और उसी नंबर से व्हाट्सऐप अकाउंट बनाकर फिरौती मांगने की तैयारी की थी। कथित योजना के अनुसार, संदेशों में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का नाम लेकर परिवार में दहशत फैलाने और भारी रकम वसूलने का प्रयास किया जाना था।
कर्ज के बोझ ने धकेला अपराध की ओर, पुलिस का दावा
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने एक वित्तीय संस्था से लगभग 25 लाख रुपये का ऋण लिया था, जिसकी मासिक किश्त करीब 28,700 रुपये थी। आर्थिक तंगी के चलते वह नियमित किश्तें जमा नहीं कर पा रहा था। इसके अलावा उसने अपने एक परिचित से लगभग 11 लाख रुपये उधार भी ले रखे थे। इस तरह उस पर कुल मिलाकर करीब 36 लाख रुपये का वित्तीय दबाव था।
पुलिस का कहना है कि इसी आर्थिक संकट से निकलने के लिए आरोपी ने अपहरण और फिरौती की साजिश रची।
अपहरण की योजना, विरोध और फिर हत्या
जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि आरोपी ने वैभव को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। लेकिन जब बच्चे ने विरोध किया और शोर मचाना शुरू किया, तब आरोपी ने कथित तौर पर उसे जमीन पर गिराकर उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी ने शव को अपने घर के बेसमेंट में छिपा दिया, ताकि किसी को घटना की भनक न लगे और बाद में फिरौती की योजना को अंजाम दिया जा सके।
साइकिल बनी अहम सुराग, मोबाइल से खुली साजिश की परतें
वैभव के लापता होने के बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान उसकी साइकिल लावारिस अवस्था में मिली, जिसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। तकनीकी जांच और आरोपी के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस उसके करीब पहुंची।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस ने आरोपी के घर से बच्चे का शव बरामद किया। शव मिलने की खबर से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक तथा आक्रोश का माहौल फैल गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि

पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वैभव की मृत्यु गला दबाने से होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ की। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया कि आरोपी इंटरनेट के माध्यम से फिरौती मांगने के तरीके और चर्चित आपराधिक गिरोहों की कार्यप्रणाली से जुड़ी जानकारियां जुटा रहा था।
आक्रोशित भीड़ का हंगामा, घर सील; सात लोग हिरासत में
घटना के खुलासे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंच गए और आरोपी को उनके हवाले करने की मांग करने लगे। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखी।
मामले में पुलिस ने आरोपी के अलावा उसके भाई, पिता हरिनारायण शर्मा, पत्नी, भाभी, बच्चों तथा एक अन्य सहयोगी सहित सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। साथ ही आरोपी के घर को सील कर दिया गया है। जिला पंचायत कार्यालय की ओर से उसके निर्माणाधीन भवन पर भी नोटिस चस्पा किया गया है।
जांच अभी जारी, साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य प्रमाणों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की अंतिम तस्वीर सामने आएगी।
समाज को झकझोर देने वाली घटना
मासूम वैभव की हत्या ने पूरे गोरखपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेशभर को स्तब्ध कर दिया है। यह घटना केवल एक परिवार की असहनीय पीड़ा नहीं, बल्कि समाज के सामने यह गंभीर सवाल भी खड़ा करती है कि आर्थिक संकट और अपराध की सोच का मेल किस तरह निर्दोष जीवन को निगल सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं, ताकि इस जघन्य अपराध के प्रत्येक पहलू से पर्दा उठ सके और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिल सके।







