जेल अस्पताल में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर हमला—जांच रिपोर्ट में खुलासा: साजिश नहीं, आकस्मिक घटना
जेल अस्पताल में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर कथित हमले का सच सामने आया, प्रशासन ने कहा—घटना सिर्फ एक आकस्मिक टक्कर
लखनऊ। जेल अस्पताल में पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति पर हुए कथित हमले की जांच रिपोर्ट सामने आते ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो गई है। जिस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं और राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही थीं, उसकी जांच ने एक बिल्कुल अलग सच उजागर किया है।
प्रशासन का बयान: “यह हमला नहीं, एक आकस्मिक घटना”
जांच टीम के अनुसार, अस्पताल परिसर में उपचार प्रक्रिया के दौरान हुई हलचल में प्रजापति की एक बंदी से अचानक टक्कर हुई, जिसके चलते मामूली चोट आई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया—
-
यह घटना किसी राजनीतिक विद्वेष,
-
सुनियोजित षड्यंत्र,
-
या पूर्व नियोजित हमले का हिस्सा नहीं थी।
यह एक अनजाने में हुई आकस्मिक घटना थी, जिसे लेकर बाहर अनावश्यक भ्रम फैलाया गया।
मेडिकल व सुरक्षा रिपोर्ट: कोई गंभीर चोट नहीं
डॉक्टरों के अनुसार चोटें सतही थीं और तत्काल प्राथमिक उपचार दे दिया गया। वहीं, जेल सुरक्षा स्टाफ ने निगरानी बढ़ाते हुए घटनास्थल की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच में शामिल किए, जिनमें किसी भी तरह की हमलावर मंसूबे की पुष्टि नहीं हुई।
राजनीति में फैली चर्चाओं पर विराम
रिपोर्ट आने के बाद अब राजनीतिक हलकों में फैली अफवाहों व आरोप-प्रत्यारोपों पर रोक लगने की उम्मीद है। अधिकारियों ने मीडिया से अपील की है कि वे केवल तथ्यात्मक सूचनाओं को ही प्रसारित करें, क्योंकि ऐसी अफवाहें जेल प्रशासन और बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर अनावश्यक प्रश्न खड़े करती हैं।
जेल अस्पताल की यह घटना, जिसे पहले एक बड़े हमले के रूप में देखा जा रहा था, जांच में सिर्फ एक सामान्य आकस्मिक टक्कर साबित हुई। प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा मानकों और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।






