अटल विचारों को नमन, अटल सपनों को संकल्प — आज़मगढ़ में भव्य रूप से मनाया गया भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म शताब्दी समारोह
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रिपोर्ट : राजेश कुमार गुप्ता | आज़मगढ़
भारत रत्न, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं युगद्रष्टा नेता श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर आज़मगढ़ के अटल आवासीय विद्यालय, गंभीरवन में एक भव्य, अनुशासित और प्रेरणादायक समारोह का आयोजन किया गया। योग, नृत्य, गीत और विचारों के संगम ने अटल जी के विचारों को जीवंत कर दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों और वक्ताओं के ओजस्वी विचारों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत कर दिया।

भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में अटल आवासीय विद्यालय, गंभीरवन, आज़मगढ़ के प्रांगण में एक सांस्कृतिक, शैक्षिक और प्रेरणादायक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राजीव कुमार, उप श्रम आयुक्त, आज़मगढ़ क्षेत्र ने की।

मुख्य अतिथि के विद्यालय आगमन पर बच्चों ने पारंपरिक स्वागत, तिलक एवं स्वागत गीत के माध्यम से भावभीना अभिनंदन किया। इसके पश्चात विद्यालय के शारीरिक शिक्षक श्री एस. के. सिंह के निर्देशन में योगाभ्यास की अद्भुत प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
योग कार्यक्रम में कुमारी रिया सिंह (कक्षा 8-ब), कुमारी अनुष्का यादव (कक्षा 8-अ) एवं रिया पाल (कक्षा 7-द) द्वारा प्रस्तुत लगभग 21 योगासनों, सूर्य नमस्कार और योग पिरामिड ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। मुख्य अतिथि ने बच्चों के अनुशासन, संतुलन और आत्मविश्वास की खुले दिल से सराहना की।
समारोह के सांस्कृतिक सत्र में आयोजित नृत्य प्रतियोगिता में 6 समूह नृत्य एवं 2 एकल नृत्य प्रस्तुतियाँ हुईं। भोजपुरी लोकगीतों, राष्ट्रीय चेतना से ओत-प्रोत गीतों तथा अटल जी की कविताओं पर आधारित नृत्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक श्री दिनेश प्रकाश ने अटल जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके विचारों को आज के समय में प्रासंगिक बताया। डॉ. उमेश पाण्डेय ने अटल जी के जीवन से जुड़े प्रेरक संस्मरणों और राष्ट्रहित में किए गए ऐतिहासिक कार्यों का उल्लेख किया। वहीं श्री ओ. पी. यादव ने भी अपने विचार साझा करते हुए विद्यार्थियों को अटल विचारधारा अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन सत्र में मुख्य अतिथि श्री राजीव कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा—
“अटल जी का सपना तभी साकार होगा, जब विद्यार्थी जीवन-मूल्यों, अनुशासन और परिश्रम को अपने जीवन का आधार बनाएँ। अच्छे परीक्षा परिणाम और संस्कारयुक्त शिक्षा ही सच्ची श्रद्धांजलि है।”
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन श्री मुन्ना लाल जायसवाल द्वारा किया गया। अंत में डॉ. बैजू सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमामय समापन हुआ।
यह समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अटल विचारों को आत्मसात करने का संकल्प था। बच्चों की प्रतिभा, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अतिथियों के प्रेरक शब्दों ने यह संदेश दिया कि अटल जी आज भी हमारे विचारों, शिक्षा और संस्कारों में जीवित हैं।






