आजमगढ़ में जनगणना की तैयारियों को मिली नई गति: ग्राम एवं नगर निर्देशिका प्रशिक्षण संपन्न, सटीक आंकड़ों पर रहेगा विशेष जोर
- डीसीएचबी के तहत आठों तहसीलों और 16 नगर निकायों के अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, बोले अधिकारी— "जनगणना की शुद्धता ही भविष्य की विकास योजनाओं की मजबूत नींव"

आजमगढ़, 29 जुलाई 2026।
देश की भावी विकास योजनाओं, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण और नीतिगत निर्णयों की आधारशिला मानी जाने वाली जनगणना को पूरी तरह त्रुटिरहित एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में आजमगढ़ प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (District Census Handbook-DCHB) के अंतर्गत ग्राम निर्देशिका एवं नगर निर्देशिका की अनुसूचियों को भरने के लिए आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को आंकड़ों के सटीक, गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक संकलन की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद की सभी आठों तहसीलों से ग्राम निर्देशिका कार्य के लिए नामित लेखपालों तथा 16 नगर निकायों से नगर निर्देशिका कार्य हेतु नामित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को अनुसूचियों को सही ढंग से भरने, आवश्यक सूचनाओं के संकलन, अभिलेखों के सत्यापन तथा आंकड़ों की गुणवत्ता बनाए रखने के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
"प्रशिक्षण से बढ़ती है दक्षता, जनगणना में हर अधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण"
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गंभीर सिंह ने कहा कि किसी भी नई प्रक्रिया, तकनीकी विषयवस्तु और कार्य प्रणाली को प्रभावी ढंग से समझने का सबसे सशक्त माध्यम प्रशिक्षण है। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के विकास की दिशा तय करने वाला राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान का उपयोग करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और शुद्धता के साथ करें, ताकि संकलित प्रत्येक जानकारी पूरी तरह विश्वसनीय और उपयोगी सिद्ध हो सके।
भविष्य की नीतियों की नींव हैं जनगणना के आंकड़े
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर अपर जिला जनगणना अधिकारी एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने कहा कि जनगणना से जुड़े प्रत्येक कार्य में आजमगढ़ को उत्कृष्ट स्थान दिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रविष्टि की गुणवत्ता, शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना अनिवार्य है, क्योंकि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, आवास, रोजगार, शहरी विकास तथा ग्रामीण विकास जैसी योजनाओं का स्वरूप तय किया जाता है।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि आंकड़ों के संकलन के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही की गुंजाइश न रहे। प्रत्येक सूचना का सत्यापन कर उसे निर्धारित प्रारूप में दर्ज किया जाए, जिससे तैयार होने वाली जिला जनगणना हस्तपुस्तिका पूरी तरह प्रमाणिक और उपयोगी बन सके।
गांव से शहर तक विकास की तस्वीर होगी और अधिक स्पष्ट
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्राम एवं नगर निर्देशिका में शामिल किए जाने वाले विभिन्न मानकों, आधारभूत सुविधाओं, सामाजिक एवं आर्थिक सूचनाओं, संस्थागत व्यवस्थाओं तथा स्थानीय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सही और अद्यतन आंकड़ों के माध्यम से जनपद की वास्तविक विकास स्थिति का व्यापक आकलन किया जा सकेगा, जिससे योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
सटीक जनगणना से मिलेगा विकास को नया आधार
विशेषज्ञों का मानना है कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन-प्रशासन के लिए विकास का वैज्ञानिक आधार तैयार करती है। यही आंकड़े भविष्य में संसाधनों के वितरण, नई परियोजनाओं की स्वीकृति, आधारभूत ढांचे के विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्राथमिकता तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आजमगढ़ में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशासन की उस गंभीरता को दर्शाता है, जिसके माध्यम से जनगणना कार्य को पूरी पारदर्शिता, दक्षता और गुणवत्ता के साथ संपन्न कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उम्मीद है कि प्रशिक्षित अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करते हुए जनपद को जनगणना कार्यों में प्रदेश के अग्रणी जिलों की श्रेणी में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।







