गगहा हत्याकांड: मुस्ताक की रहस्यमयी मौत से मचा बवाल, वायरल वीडियो ने खोली बर्बर पिटाई की पोल – समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा पीड़ित परिवार के घर

नरसिंह यादव, क्राइम रिपोर्टर गोरखपुर
गोरखपुर जनपद का गगहा थाना क्षेत्र इस समय सुर्खियों में है। ठठौली गांव के पास बरईपार निवासी मुस्ताक अली (उम्र लगभग 50 वर्ष) का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। यह मामला केवल एक हत्या का नहीं बल्कि इंसाफ, पुलिस की भूमिका और समाज की संवेदनशीलता से जुड़ा बड़ा सवाल बन गया है।
मौत या हत्या? वायरल वीडियो से उठे गंभीर सवाल
शनिवार की सुबह सड़क किनारे मुस्ताक का शव बरामद हुआ था। शुरुआत में इसे रहस्यमयी मौत माना जा रहा था, लेकिन अगले ही दिन सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कुछ लोग उसे लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटते हुए दिखाई दे रहे थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी इस शक को और गहरा दिया। रिपोर्ट में शरीर पर 11 जगह फ्रैक्चर पाए गए, जो इस ओर इशारा करते हैं कि पीड़ित को नृशंसता से मारा गया था। ग्रामीणों का कहना है कि रात में मुस्ताक को चोर समझकर पीटा गया, और इसी मारपीट ने उसकी जान ले ली।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तार आरोपी
वीडियो वायरल होते ही गगहा पुलिस ने दबिश देकर पाँच आरोपियों – शिवचंद, आशुतोष, रोहित तथा दो नाबालिग राहुल और कविचंद – को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि इस वारदात में दो और लोग शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है।
हालाँकि, शुरुआत में मृतक की पुत्री सहनाज की तहरीर पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन वायरल वीडियो ने इस मामले को और गंभीर बना दिया।
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का गुस्सा
18 अगस्त को मृतक के गांव बरईपार से दर्जनों ग्रामीण गगहा थाने पहुंचे और जमकर आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन होगा। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया –
“एक भी आरोपी बच नहीं पाएगा, सभी को जेल भेजा जाएगा।”
इंसाफ की गुहार: समाजवादी पार्टी भी उतरी मैदान में
लगातार बढ़ते आक्रोश और न्याय की पुकार के बीच समाजवादी पार्टी ने भी मामले को गंभीरता से लिया।
24 अगस्त को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर एक प्रतिनिधिमंडल गोरखपुर पहुँचा और पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे –
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लाल बिहारी यादव (नेता प्रतिपक्ष, विधान परिषद)
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ब्रजेश कुमार गौतम (जिलाध्यक्ष)
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मो० शकील नदवी (प्रदेश अध्यक्ष, सपा अल्पसंख्यक सभा)
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विनय शंकर तिवारी (पूर्व विधायक)
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डॉ. मोहसिन (पूर्व विधायक)
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विजय बहादुर यादव (पूर्व विधायक)
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जफर अमीन ‘डक्कु’ (वरिष्ठ नेता)
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मो० मिर्जा कदीर बेग (सपा नेता)
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अमरजीत यादव (विधानसभा अध्यक्ष, चिल्लूपार)
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सपा नेताओं ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि उनकी पार्टी पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है और इस निर्दयी हत्या की जांच विधानसभा और प्रदेश स्तर तक उठाई जाएगी।
बड़ा सवाल – इंसाफ कब?
- गगहा हत्याकांड अब सिर्फ एक गांव या थाने का मामला नहीं रह गया है। यह सवाल बन गया है –
- जब पुलिस को शुक्रवार शाम मुस्ताक की बाइक लावारिस हालत में मिली थी, तो आखिर वह कहां गया?
- क्या ग्रामीणों ने सच में उसे चोर समझकर पीटा या इसके पीछे कोई और साजिश थी?
- और सबसे बड़ा सवाल – क्या मुस्ताक को न्याय मिलेगा?
गगहा का यह मामला आज पूरे गोरखपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर पीड़ित परिवार की चीख है, दूसरी ओर कानून पर भरोसा।
यह हत्या कांड न सिर्फ एक निर्दोष की जान लेने वाली घटना है बल्कि समाज और प्रशासन दोनों से बड़ा सवाल पूछता है – क्या हम इंसाफ दिलाने के लिए उतनी ही ताकत से खड़े हैं, जितनी ताकत से लोग एक मासूम को पीटकर मार डालते हैं?