उत्तरकाशी आपदा: हरसिल-धरली में तेज़ी से चल रहा राहत एवं बचाव अभियान, अब तक 1,100 से अधिक लोगों की सुरक्षित वापसी

उत्तरकाशी,
5 अगस्त को हरसिल और धरली में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन, सेना और स्थानीय एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से अब तक 1,100 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जिससे प्रभावित क्षेत्र में लोगों के मनोबल में बड़ी वृद्धि हुई है।
हवाई मोर्चे पर तैनाती
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण और भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर अब तक कुल 257 उड़ान अभियान (सॉर्टी) कर चुके हैं। इन हवाई प्रयासों ने न केवल फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया, बल्कि आवश्यक सामग्री की आपूर्ति में भी अहम भूमिका निभाई।
आवश्यक सेवाओं की बहाली
हरसिल घाटी में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। साथ ही हरसिल और धरली में डीजल और एलपीजी गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जिससे स्थानीय लोगों के दैनिक जीवन में कुछ हद तक सामान्य स्थिति लौट रही है।
जमीन से आसमान तक आपूर्ति
जहां सड़क मार्ग अवरुद्ध है, वहां खच्चरों के माध्यम से खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। यह पारंपरिक और भरोसेमंद तरीका पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा के दौरान जीवन रेखा साबित हो रहा है।
तेज़ हो रहा सर्च अभियान
चल रहे सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज़ करने के लिए जल पुलिस हेतु नावों को धरली भेजने के आदेश दिए गए हैं। इससे नदी किनारे और जलमग्न क्षेत्रों में खोज कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
एकजुटता और उम्मीद का संदेश
यह राहत अभियान न केवल प्रशासन और सेना की तत्परता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संकट की घड़ी में पूरा तंत्र कैसे एकजुट होकर इंसानी ज़िंदगियों को बचाने में जुट जाता है।