छत्तीसगढ़ के दो नाबालिग ISIS जाल में फंसे… ATS की सूझबूझ ने बचाई ज़िंदगियाँ, पाकिस्तान आधारित मॉड्यूल कर रहा था ब्रेनवॉश
छत्तीसगढ़ से एक चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। राज्य की एंटी टेररिज़्म स्क्वॉड (ATS) ने दो नाबालिग लड़कों को ISIS से जुड़े एक ऑनलाइन मॉड्यूल के काले चंगुल से मुक्त कर लिया है। बताया जा रहा है कि ये दोनों बच्चे पाकिस्तान से संचालित एक डिजिटल नेटवर्क के संपर्क में आए थे, जो इंटरनेट के ज़रिए युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ धकेलने की कोशिश कर रहा था।
कैसे फंसे बच्चे इस जाल में?
सूत्रों के अनुसार, ISIS-समर्थित यह मॉड्यूल सोशल मीडिया और इनक्रिप्टेड चैट के माध्यम से नाबालिगों को टारगेट कर रहा था। बच्चों को ‘हिजरत’, ‘जन्नत’ और ‘धर्म के लिए लड़ने’ जैसे भ्रम फैलाकर धीरे-धीरे ब्रेनवॉश किया जा रहा था। संदिग्धों के मोबाइल से ऐसे चैट्स, वीडियो और डॉक्यूमेंट्स बरामद हुए हैं, जो यह साफ दिखाते हैं कि पाक आधारित मॉड्यूल उनकी मानसिकता को प्रभावित करने में लगा हुआ था।
ATS की फुर्तीली कार्रवाई ने टाला बड़ा खतरा
जैसे ही इन संदिग्ध गतिविधियों की भनक छत्तीसगढ़ ATS को लगी, एक विशेष टीम गठित की गई। डिजिटल सर्विलांस, साइबर ट्रैकिंग और तकनीकी विश्लेषण के ज़रिए ATS ने दोनों नाबालिगों को सुरक्षित पकड़कर काउंसलिंग के लिए विशेष केंद्र भेज दिया।अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते यह कार्रवाई न होती, तो दोनों बच्चे कट्टरपंथ की राह पर आगे खींचे जा सकते थे — जिसका परिणाम न सिर्फ उनके परिवारों बल्कि पूरे समाज के लिए खतरनाक हो सकता था।
पाक मॉड्यूल का नेटवर्क कितना बड़ा?
जांच एजेंसियों से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी बताती है कि यह मॉड्यूल भारत के कई राज्यों में ऑनलाइन ज़रिए सक्रिय था। इनका मकसद था किशोरों और युवाओं को प्रभावित कर उन्हें आतंकी एजेंडा का हिस्सा बनाना।ATS अब इस पूरे नेटवर्क का डिजिटल खाका खंगाल रही है और जल्द ही इस कड़ी में शामिल अन्य संदिग्धों तक पहुंचने की तैयारी में है।
परिवार और समाज के लिए बड़ी सीख
यह मामला सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों के लिए ही नहीं, बल्कि हर परिवार के लिए एक चेतावनी है।आज के डिजिटल युग में बच्चे कितनी जल्दी गलत हाथों में फंस सकते हैं, इसका यह बड़ा उदाहरण है।
परिवारों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नज़र रखने और समय-समय पर उनकी मानसिक स्थिति को समझने की आवश्यकता है।
ATS की तेज़, सटीक और समय पर की गई कार्रवाई ने न सिर्फ दो मासूम जिंदगियों को कट्टरपंथी रास्ते पर जाने से बचाया, बल्कि एक बार फिर साबित कर दिया कि हमारी सुरक्षा एजेंसियाँ हर स्तर पर सतर्क और प्रतिबद्ध हैं। पाकिस्तान आधारित ISIS मॉड्यूल का पर्दाफाश अब एक बड़ी जांच की शुरुआत भर है।






