आत्मज्ञान का साक्षात्कार कराता है ईश्वरीय विश्वविद्यालय: बड़हलगंज में ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का वार्षिकोत्सव, बोले महेश उमर
आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, शुभम शर्मा
बड़हलगंज स्थित प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थापना वार्षिकोत्सव पर आत्मज्ञान, राजयोग और आंतरिक शांति का संदेश दिया गया। मुख्य अतिथि महेश उमर ने कहा कि यह विश्वविद्यालय आत्मा और परमात्मा के बुनियादी ज्ञान के माध्यम से जीवन को सकारात्मक दिशा देता है।
बड़हलगंज में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का स्थापना वार्षिकोत्सव श्रद्धा, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने कहा कि ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि ऐसा ज्ञान-योग केंद्र है, जो राजयोग ध्यान के माध्यम से मनुष्य को आत्मज्ञान का साक्षात्कार कराता है।
उन्होंने कहा कि यहां आत्मा और परमात्मा का बुनियादी ज्ञान दिया जाता है, जिससे व्यक्ति स्वयं को शरीर नहीं बल्कि आत्मा के रूप में पहचानता है, विकारों से मुक्त होकर आंतरिक शांति और सच्ची खुशी की अनुभूति करता है। श्री उमर ने यह भी बताया कि ब्रह्मकुमारी संस्था देशभर में आपदा राहत, कंबल वितरण और चिकित्सा शिविर जैसे सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रही है।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि महेश उमर ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
विश्वव्यापी सेवा और योग का संदेश:
ब्रह्मकुमारी परिवार की वरिष्ठ सदस्य भारती जी ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह संगठन 140 से अधिक देशों में 8,500 से ज्यादा केंद्रों के माध्यम से राजयोग और मानसिक शांति का संदेश फैला रहा है।
वहीं केन्द्र संचालिका पूनम दीदी ने ब्रह्मकुमारी आध्यात्मिक परंपरा को विस्तार से समझाते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी मुख्य रूप से परमपिता परमात्मा शिव की उपासना करती हैं, जिन्हें वे निराकार ज्योति बिंदु मानती हैं और ‘शिव बाबा’ के रूप में स्मरण करती हैं। यह पूजा मूर्ति के माध्यम से नहीं, बल्कि राजयोग मेडिटेशन द्वारा आत्मा को परमात्मा से जोड़कर की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था के संस्थापक ब्रह्मा को केवल परमात्मा का निमित्त पात्र माना जाता है, पूजा केवल परमात्मा शिव की ही होती है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मोहा मन:
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर दोहरीघाट की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत भक्ति भाव से परिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
इस अवसर पर व्यापारी नेता लक्ष्मीनारायण गुप्त, जनसेवा संस्था के महामंत्री संतोष जायसवाल, प्रधानाचार्य आनंद तिवारी, पत्रकार राजीव जायसवाल, बहन शशिकला, दीपिका, कृष्ण गोपाल जायसवाल, भानू, उमेश यादव, हिमांशु गौड़, विकास गौड़ सहित बड़ी संख्या में ब्रह्मकुमारी परिवार के सदस्य व श्रद्धालु उपस्थित रहे।
ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का यह वार्षिकोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मज्ञान, शांति और सकारात्मक जीवन दृष्टि का संदेश बनकर उभरा। राजयोग के माध्यम से आत्मा को परमात्मा से जोड़ने की यह साधना आज के तनावपूर्ण जीवन में एक नई राह दिखाती है।






