आज़मगढ़ में यातायात का नया अध्याय: ट्रैफिक माह 2025 में पहली बार बनी जेब्रा क्रॉसिंग, बढ़ेगा सड़क सुरक्षा का स्तर
आर.वी.9 न्यूज़ | संवाददाता, मनोज कुमार
आज़मगढ़ अब सुरक्षित और अनुशासित यातायात की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा चुका है। यातायात माह–2025 के तहत जिले में पहली बार अग्रसेन चौक पर जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण कार्य सम्पन्न हुआ है। यह पहल न केवल पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि सड़क पर अनुशासन और जागरूकता का नया संदेश भी देगी।
यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री विवेक त्रिपाठी और क्षेत्राधिकारी नगर/यातायात श्री शुभम तोदी के पर्यवेक्षण में संचालित किया जा रहा है। इन अधिकारियों की निगरानी में आजमगढ़ में सड़क सुरक्षा को लेकर एक व्यापक और जनसहभागिता पर आधारित अभियान आकार ले रहा है।
➡️ अग्रसेन चौक पर पहली जेब्रा क्रॉसिंग — पैदल यात्रियों को मिला सुरक्षा कवच
आजमगढ़ में पहली बार किसी प्रमुख चौराहे पर जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया है कि पैदल यात्री सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकें और ट्रैफिक का प्रवाह अनुशासित ढंग से संचालित हो। इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि आम जनता में ट्रैफिक नियमों के पालन की भावना भी मजबूत होगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने इस अवसर पर निर्देश दिए कि जल्द ही जनपद के सभी प्रमुख चौराहों, तिराहों और कट पॉइंट्स पर पुलिस, लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका और यातायात पुलिस के समन्वय से जेब्रा लाइन और क्रॉसिंग का निर्माण कराया जाएगा।
➡️ यातायात सुधार की दिशा में नया मॉडल – सेफ ट्रैफिक डिस्ट्रिक्ट की ओर
इस पहल के प्रमुख उद्देश्य हैं —
1. पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
2. सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना।
3. नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाना।
4. आजमगढ़ को सेफ ट्रैफिक मॉडल डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित करना।
➡️ यातायात माह–2025 में नवाचारों की नई श्रृंखला
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आने वाले दिनों में जनपद के सभी प्रमुख मार्गों पर जेब्रा लाइनिंग, संकेतक बोर्ड और डिवाइडर लाइनिंग का कार्य कराया जाएगा ताकि नागरिकों को एक अनुशासित, सुरक्षित और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम का अनुभव मिल सके।
“बदल रहा है आजमगढ़, बदल रहा है जमाना —
इस ट्रैफिक माह में राहगीर का है सुरक्षित जाना।”
यह पहल आजमगढ़ को उत्तर प्रदेश के उन जिलों की पंक्ति में खड़ा करती है, जहां यातायात सुधार केवल नारे नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाले परिवर्तन बन चुके हैं।






