त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 : 15 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची, मार्च-अप्रैल में होंगे चुनाव

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 : 15 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची, मार्च-अप्रैल में होंगे चुनाव
  • संवाददाता- देवेंद्र मौर्य,गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

गोरखपुर।
उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच रही है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और निर्वाचन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि बीएलओ घर-घर जाकर नए मतदाताओं का नाम जोड़ने और मृत/विस्थापित मतदाताओं का नाम सूची से हटाने का कार्य तेजी से पूरा करें।

निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और ईआरओ व एईआरओ अपने सहयोगियों के माध्यम से लगातार निगरानी रखें। बीएलओ और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण व कार्यक्षेत्र आवंटन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।

चुनाव तैयारी का पूरा टाइम-टेबल इस प्रकार है :

  • 22 सितंबर 2025 : ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि।

  • 23 – 29 सितंबर 2025 : आवेदन पत्रों की घर-घर जाकर जांच।

  • 30 सितंबर – 6 अक्तूबर 2025 : परिवर्तन/संशोधन की हस्तलिखित पांडुलिपि जमा।

  • 7 अक्तूबर – 24 नवंबर 2025 : ड्राफ्ट मतदाता सूचियों की कंप्यूटरीकृत पांडुलिपि तैयार।

  • 25 नवंबर – 4 दिसंबर 2025 : मतदान केंद्र/स्थलों का क्रमांकन व वार्ड मैपिंग।

  • 5 दिसंबर 2025 : अनंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।

  • 6 – 12 दिसंबर 2025 : नए मतदाताओं के दावे और आपत्तियां दर्ज।

  • 13 – 19 दिसंबर 2025 : दावे और आपत्तियों का निस्तारण।

  • 20 – 23 दिसंबर 2025 : हस्तलिखित पूरक पांडुलिपि जमा।

  • 24 दिसंबर 2025 – 8 जनवरी 2026 : पूरक सूचियों का कंप्यूटरीकरण और सम्मिलन।

  • 9 – 14 जनवरी 2026 : अंतिम सूची की फोटो प्रतियां व डाउनलोडिंग कार्य।

  • 15 जनवरी 2026 : अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, ईआरओ और एईआरओ अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी से करें, ताकि पंचायत चुनाव को निष्पक्ष और सकुशल संपन्न कराया जा सके।

 गौरतलब है कि मार्च-अप्रैल 2026 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाएंगे, जिसमें ग्राम पंचायत से लेकर जिला पंचायत तक के प्रतिनिधियों का चुनाव होगा।